इतिहासकार आचार्य कुमार रतनम् की इतिहास दृष्टि

राघवेन्द्र यादव

Abstract


भारत के सुविख्यात इतिहासकार प्रो. कुमार रतनम् का जन्म उŸार प्रदेश के जिला एटा में भारतीय कला
के ख्यातिनाम् चित्रकार परिवार में 1 जनवरी 1965 को हुआ था। प्रो. रतनम् इतिहास जगत में एक जाने
माने इतिहासकार, इतिहास-शिक्षक, शोधकर्ता एवं समीक्षक के विचारों एवं इतिहास दृष्टि की पृष्ठभूमि
निर्माण राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के सम्पर्क के साथ ही प्रारम्भ हो गया था। प्रो. कुमार रतनम् की इतिहास
दृष्टि पर स्वामी विवेकानन्द का प्रभाव स्पष्ट दिखलाई पड़ता है तथा उनका मानना है कि भारतीय
इतिहास मूल आधारित एवं राष्ट्र का गौरव बढ़ाने वाला इतिहास होना चाहिए। प्रो. रतनम् के इतिहास
लेखन एवं दर्शन पर स्वामी विवेकानन्द, माधव सदाशिव गोलवलकर, बाबा आपटे, पं. दीनदयाल उपाध्याय
आदि के साथ पारिवारिक संघ पृष्ठभूमि का प्रभाव स्पष्ट दिखाई देता है।

Keywords


कुमार रतनम्, इतिहास, अध्यात्म

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DOI: https://doi.org/10.29320/vichar.11.2.1

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